Payen 500000 rupaye get 500000 rupees by government
MODI सरकार का बड़ा ऐलान, आम जनता को मिलेंगे 5 लाख रुपये!

बजट में इनकम टैक्स को लेकर कोई खास ऐलान नहीं हुआ. लेकिन, अंतरिम बजट में दी गई छूट को जारी रखा गया. अगर आपकी सालाना इनकम पांच लाख रुपए या उससे कम है तो आपको टैक्स नहीं चुकाना होगा. लेकिन, यहां एक ट्विस्ट है. यह छूट सीधे तौर पर सालाना इनकम पर लागू नहीं होती. बल्कि अंतरिम बजट में दी गई रिबेट के आधार पर ही 5 लाख तक की इनकम टैक्स फ्री होगी.
नई व्यवस्था के तहत 5 लाख रुपए की इनकम भले ही टैक्स फ्री हो, लेकिन इसके लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरना जरूरी है. अगर आपको ऐसा लगता है कि आप टैक्स से जुड़े किसी भी नियम से बच गए हैं तो यह गलत है. बता दें, अभी तक 2.5 लाख रुपए तक की आय पर टैक्स छूट दी जाती है. वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह छूट 3 लाख रुपए है. अब पांच लाख तक छूट कैसे मिलेगी?

मोदी सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल का पहला आम बजट पेश करने के साथ कई बड़े ऐलान किए हैं जिनका सीधा लाभ आम जनाता को मिलेगा. इनमें दो ऐसे ऐलान हुए हैं जिनके जरिए एक आम आदमी को 5 लाख रुपये तक की छूट मिल सकती है. आइए जानते हैं कि कहां और कैसे आप यह फायदा उठा सकते हैं. बल्कि अंतरिम बजट में दी गई रिबेट के आधार पर ही 5 लाख तक की इनकम टैक्स फ्री होगी.
नई व्यवस्था के तहत 5 लाख रुपए की इनकम भले ही टैक्स फ्री हो, लेकिन इसके लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरना जरूरी है. अगर आपको ऐसा लगता है कि आप टैक्स से जुड़े किसी भी नियम से बच गए हैं तो यह गलत है. बता दें, अभी तक 2.5 लाख रुपए तक की आय पर टैक्स छूट दी जाती है. वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह छूट 3 लाख रुपए है. अब पांच लाख तक छूट कैसे मिलेगी?

दरअसल, आम बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने होम लोन के ब्याज पर 1.5 लाख रुपये की अतिरिक्त टैक्सक छूट देने का ऐलान किया है. अब तक यह टैक्स छूट 2 लाख रुपये की थी. यानी बजट के ऐलान के बाद आप होम लोन की ब्यााज पर 3.50 लाख तक की छूट का फायदा उठा सकते हैं. मोदी सरकार ने अपने पिछले कार्यकाल के अंतरिम बजट में रिबेट देने का ऐलान किया था. इस रिबेट के साथ 5 लाख तक की आय टैक्स फ्री हो गई. मतलब यह छूट और कटौती के बाद जो आय बच जाती है उस पर आपको टैक्सा देना होता है.
हालांकि यह छूट 45 लाख रुपये तक के घर के होम लोन पर ही मिलेगी. इसके अलावा होम लोन की समयावधि अधिकतम 15 साल है. वहीं खरीदार के नाम पहले से कोई प्रॉपर्टी भी नहीं होनी चाहिए. सबसे अहम बात यह है कि स्कीम का फायदा 1 अप्रैल, 2019 से 31 मार्च, 2020 तक लिए गए होम लोन पर ही उठाया जा सकता है.
कहने का मतलब यह है कि नए खरीददारों को ही इस छूट का फायदा मिलेगा. इसका सबसे अधिक फायदा छोटे शहरों या टियर-2 और टियर-3 सिटी में मकान के खरीदारों को मिलने की उम्मीमद है.

यहां से लीजिए 1.50 लाख तक की छूट का फायदाअगर मोदी सरकार के दूसरे छूट की बात करें तो यह इलेक्ट्रिक व्हीकल पर मिल रहा है. दरअसल, बजट में ऐलान किया गया कि इलेक्ट्रिक व्हीकल की खरीद पर 1.5 लाख रुपये तक के लोन पर कोई ब्याज नहीं देना होगा. मान लीजिए किसी व्यहक्ति की सालाना कमाई 5 लाख रुपए है और उसे 50,000 रुपए का HRA मिलता है.
साथ ही इलेक्ट्रिक व्हीकल के पार्ट से कस्टम ड्यूटी हटा दी गई है. इसके साथ ही इलेक्ट्रिक व्हीकल के पार्ट से कस्टम ड्यूटी हटा दी गई है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के मुताबिक 15 लाख तक की कीमत वाली 35,000 इलेक्ट्रिक कारों पर 1.5 लाख रुपये तक की प्रोत्साहन (सब्सिडी) राशि दी जाएगी.
छूट के बाद उसकी आय 4.5 लाख रुपए होगी. अगर हम मान लें कि धारा 80सी के तहत उसने 1.5 लाख रुपए के डिडक्श न का फायदा उठाया है तो उसकी कुल आय 3 लाख रुपए होगी जिस पर टैक्स देना होगा. 5% के हिसाब से उसे 2,500 रुपए टैक्सय देना होगा. 2,500 रुपए का रिबेट मिलने की वजह से उस व्य8क्ति पर कोई इनकम टैक्सब नहीं लगेगा. इसके साथ ही सरकार की ओर से इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद और इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज करने की चार्जिंग प्वाइंट लगाने पर रियायत दी जाएगी.
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